नायाब तहसीलदार का हमलावर एक गोमती वाला होना; लग रहा अशंकाओं के विपरित


कृतिका सीधी :
जिले के कुशमी तहशील में एक सनसनीखेज घटना में वहा पदस्थ प्रभारी तहशीलदार लवलेश मिश्रा पर विगत 1 सितंबर को जानलेवा हमला किया गया था जिससे वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़े और अज्ञात हमलावर फरार हो गए थे वही उक्त हमले में गंभीर रूप से घायल प्रभारी तहशीलदार लवलेश मिश्रा का अभी भी रीवा में उपचार चल रहा है और घटना के बाद से ही वह बेहोश अवस्था मे हैं। उक्त घटना के बाद जिले की पुलिस और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे थे लेकिन जिले के पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत ने पूरी ततपरता दीखते हुए उक्त जानलेवा हमले का खुलाशा करने और हमले के अज्ञात आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग अलग टीमों का गठन करके अज्ञात आरोपियों को पकड़ने के लिए उनपर ईनाम भी घोषित किया जिसके बाद मामले की लम्बी चली जांच पड़ताल और पूछताछ के बाद तहसीलदार पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी पुलिस के हाथ लग गया जिसके बाद 5 सितम्बर को जिला पुलिस आधीक्षक सभागार में जिले के पुलिस आधीक्षक पंकज कुमावत ने पत्रकार वार्ता में आरोपी को पेश करके खुलासा करते हुए बताया कि हमलावर देवीदीन जायसवाल पिता प्रेमलाल जायसवाल निवासी ग्राम टमसार तहशील परिसर में ही चाय की गुमटी लगाता था। जिसे तहशीलदार लवलेश मिश्रा द्वारा कहा गया था कि यहाँ असमाजिक तत्वों को मत बैठाया करो वरना तुम्हारी गुमटी का अतिक्रमण हटवा दूँगा। ऐसा उन्होंने इसलिए कहा कि घटना के कुछ दिन पूर्व तहशील परिसर में लगी स्ट्रीट लाइट का बल्ब चोरी हो गया था। इसी बात से आहत होकर आरोपी देवीदीन जायसवाल ने अपने एक और साथी जो कि नाबालिग था के साथ टांगी से तहशीलदार पर टांगी से हमला करके मौके से फरार हो गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तहशीलदार को मरा हुआ मानकर दोनो लड़को ने पीछे स्थित तालाब में जाकर टांगा पैर हाँथ धोया और अपने किराये के रूम में चले गए और कपड़ों को टब में डाल दिया। सीधी जिले के कुसमी तहसील में प्रभारी तहसीलदार लवलेश मिश्रा पर हुए जानलेवा हमले के बाद पूरे जिले में इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि इस मामले में कोई गहरी साजिश है इस हमले में माफिया तत्वों के भी हाथ होने के कयास लगाए जा रहे थे इतना ही नहीं बहुत से लोग इसे जमीन के फैसलों या पुरानी रंजिश से भी जोड़ रहे थे लेकिन जो मामला सामने निकल कर आया है उसके बाद लोगों के सारे कयास झूठे साबित हो गए और जो घटना सामने आई है वह करोना काल में गरीबी लाचारी बेबसी और उसके बाद काम धंधे के बंद होने का डर और भूखों मरने की पीड़ा सामने आई है जिसमें आर्थिक रूप से पीड़ित और परेशान गरीब द्वारा इस तरह का तहसीलदार पर जानलेवा हमला करके घातक परिणाम सामने निकल कर आया है सिटी हलचल के एक सवाल पर जिले के पुलिस आधीक्षक ने इस बात को माना की काम धंधे और आर्थिक परेशानि की वजह से आरोपी ने यह कदम उठाया है। इस घटना के सामने आने के बाद लोगों को अब यह सोचना होगा कि ना जाने कितने और गरीब इस कोरोना काल में परेशान हैं जिनकी रोजी.रोटी पर संकट है और वह मानसिक रूप से परेशान है ऐसे में वह इस तरह के कदम उठाने को मजबूर ना हो ऐसे लोगों को राहत पहुंचे और लोग इस तरह के घातक कदम ना उठाएं इसके लिए अब शासन प्रशासन को इस ओर पहल करने की जरूरत है।

एनटीवी इंडिया न्यूज़
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