उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के.के. पाण्डेय ने बताया कि प्राप्त प्रशासनिक जानकारी के आधार पर टिड्डी दल के पन्ना जिले से लगे हुए मध्यप्रदेश के सतना जिले से होता हुआ सीधी तक पहुंचने की जानकारी प्राप्त हुई है। सीधी जिले में भी टिड्डी दल का प्रकोप होने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए उन्होंने किसान भाइयों को सलाह दी है कि आप लोग खेतों में सतत निगरानी रखें एवं टिड्डी दल के आगमन होने पर खेतों में तेज ध्वनि जैसे तालियां बजाकर, ढोल बजा कर, डीजे बजा कर, खाली टिन के डिब्बे बजाकर, पटाखे फोड़ कर, ट्रैक्टर का साइलेंसर निकालकर आवाज करके टिड्डी दल को आगे की तरफ बढ़ाया जा सकता है।
उप संचालक श्री पाण्डेय ने बताया कि इसके साथ ही रसायनिक दवाइयों का प्रयोग ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर पंप में क्लोरोप्लास्ट 20 प्रतिशत इ.सी.1200 एम् एल या डेल्टामेथरेन 2.8 प्रतिशत इ.सी. 625 एमएल या डाईफ्लुबेंजुरॉन 25 प्रतिशत डब्लू पी 120 एमएल या मेलाथियान 50 प्रतिशत ईसी 1850 इ.सी इनमें से किसी एक दवा का 500 से 600 लीटर पानी में घोलकर ढिड्डियों के ऊपर छिड़काव कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि टिड्डी दल का आगमन शाम को लगभग 6 से 8 बजे तक होता है और सुबह 7ः30 बजे तक दूसरे स्थानों के लिए प्रस्थान करने लगता है। ऐसी स्थिति में टिड्डी दल से फसलों के बचाव के लिए उसी रात में 3 से लेकर 7ः30 बजे तक उक्त बताए गए तरीकों का उपयोग करके टिड्डी पर नियंत्रण प्राप्त फसलों को बचाया जा सकता है।
उन्होंने किसान भाइयों को कृषि विभाग के अधिकारियों तथा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिको के मोबाईल नंबर साझा करते हुए सतत संपर्क में रहने के लिए कहा है। उन्होंने बताया कि आवश्यक सलाह के लिए के. के. पाण्डेय उपसंचालक कृषि 7974762978, आर.के. सिंह सहायक संचालक 07223806001, उत्तम बागरी सहायक संचालक 08878987506, कृषि विज्ञान केंद्र सीधी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. महेन्द्र सिंह बघेल 9827373305 एवं डॉ. धनंजय सिंह 9424641061 से सम्पर्क किया जा सकता है।