अनिल बीज भंडार भदौरा में पड़ा छापा


धर्मेन्द्र:सीधी
जिला कलेक्टर सीधी के निर्देशन पर कल बुधवार की दोपहर यूरिया खाद कालाबाजारी व संदिग्ध उर्वरकों के मैद्देनजर कुसमी एसडीएम, कृषि विभाग के एसडीओ द्वारा कुसमी ब्लॉक के भदौरा में खाद बीज बेचने वाले अनिल ट्रेडर्स की दुकान का निरीक्षण किया गया जहाँ यूरिया खाद की अवैध विक्री का मामला सामने आया है।

एसडीएम ने कृषि विभाग के एसडीओ संग यूरिया खाद की किल्लत को लेकर औचक छापा मार कार्यवाही की थी, जहाँ न तो किसानों को यूरिया वितरण का रजिस्टर सही मिला ना ही यूरिया खाद मिली। अनिल बीज भंडार द्वारा बड़ी लापरवाही सामने आई है खाद बीज विक्रेता द्वारा 71 टन 55 किलो जो यूरिया खाद की विक्री की गई है वो पूरी विक्री घर परिवार के पुत्र, पुत्री ,भाई एवम दुकान में काम करने वाले नौकर को ही कर दी गयी है, जिसकी बकायदा जानकारी भी बीज भंडार द्वारा एसडीएम को दी गयी है। जिसके बाद बीज विक्रेता पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं कि 71 टन से ऊपर यूरिया क्या इन्ही चार लोगों को देकर कालाबाजारी की पोल खुलने से बचने गुमराह किया जा रहा है या फिर किसानों को महंगे दामों में बेचने के डर से किसानों का नाम नहीं बताया जा रहा है। एसडीएम के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बीज संचालक द्वारा चार लोगों को जिनमें पुत्र तनिस गुप्ता 13 वर्ष को 29.7 टन, राममनोहर प्रजापति 26 वर्ष दुकान में कार्यरत कर्मचारी को 11.70 टन, जय प्रकाश 38 वर्ष भाई को 9.90 टन, स्नेहा गुप्ता 12 वर्ष पुत्री को 20.25 टन कुल 71.55 टन यूरिया खाद प्रदाय किया गया है। उक्त यूरिया खाद अनिल ट्रेडर्स द्वारा भैयालाल-बिहारी लाल थोक विक्रेता सीधी द्वारा प्राप्त हुआ था जिनमें 3 लोग खाद विक्रेता के परिवार के हैं जिनमे 1 व्यक्ति दुकान में काम करने वाला व्यक्ति है। जहाँ प्रशासम द्वारा स्थल पंचनामा मौके से तैयार कर उपस्थित लोगों के पंचनामा में हस्ताक्षर भी करा लिए गए हैं जिसके बाद से प्रशासन की कार्यवाही से हड़कम्प मच गया है। ऐसे में आसपास के किसानों का मानना यह भी है कि 71 क्विंटल यूरिया खाद का उपयोग 4 लोग अकेले नहीं कर सकते फिर पूरी यूरिया खाद का स्टॉक भी खत्म हो चुका है ऐसे में यूरिया खाद कहां गयी ?
कुछ लोगों का मानना यह भी है कि 266 रुपये की दर से मिलने वाली यूरिया को बीज विक्रेता द्वारा महंगे दामों में 350 रुपये से लेकर 375 रुपये प्रति बोरी की दर से बिक्री की गई है। जब विक्री की जा रही थी तब लोगों को रसीद भी नहीं दिया जा रहा था. पूरे मामले पर अब क्या नया मोड़ आएगा यह तो प्रशासन की कार्यवाही के बाद ही पता चलेगा लेकिन जिस तरह से जिले के साथ पूरे कुसमी ब्लॉक में 15 दिनों से यूरिया की किल्लत बनी हुई थी ऐसे समय मे प्रशासन द्वारा खाद बीज संचालक के दुकान का निरीक्षण किया गया उससे सारी पोल खुल गयी है।